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अब आसमान से होगी अपराधियों पर नजर, बिहार पुलिस को मिलेंगे 50 हाई-टेक ड्रोन; निगरानी और आपदा राहत में मिलेगी बड़ी ताकत

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पटना। बिहार में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा पुलिस व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से लैस करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि बिहार पुलिस के लिए 50 अत्याधुनिक ड्रोन खरीदे जाएंगे। इन ड्रोन की खरीद पर करीब 24.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इन्हें पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि तकनीक के बढ़ते दौर में अपराध नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग बेहद जरूरी है। इसी सोच के तहत ड्रोन तकनीक को पुलिसिंग का हिस्सा बनाया जा रहा है, ताकि पुलिस को रियल-टाइम जानकारी मिल सके और घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार इन हाई-टेक ड्रोन का उपयोग कई महत्वपूर्ण कार्यों में किया जाएगा। बड़े आयोजनों, धार्मिक कार्यक्रमों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भीड़ नियंत्रण के लिए ड्रोन से ऊपर से निगरानी रखी जाएगी। इससे पुलिस को जमीन पर मौजूद भीड़ की गतिविधियों को समझने और किसी भी संदिग्ध स्थिति पर तुरंत प्रतिक्रिया देने में आसानी होगी।
अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में भी यह तकनीक अहम भूमिका निभाएगी। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन के जरिए हवाई निगरानी की जा सकेगी, जिससे अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा। किसी घटना की स्थिति में पुलिस को घटनास्थल की स्पष्ट तस्वीर तुरंत मिल सकेगी, जिससे रणनीति बनाकर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।
सरकार का यह भी मानना है कि राज्य के कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां पारंपरिक तरीके से निगरानी करना कठिन होता है। खासकर नदी क्षेत्रों, दियारा इलाकों और दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की पहुंच कई बार सीमित हो जाती है। ऐसे स्थानों पर ड्रोन के माध्यम से हवाई पेट्रोलिंग कर स्थिति की जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकेगी। इससे पुलिस की कार्यक्षमता और प्रतिक्रिया समय दोनों में सुधार होगा।
ड्रोन तकनीक का उपयोग केवल सुरक्षा और निगरानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आपदा प्रबंधन में भी इसकी अहम भूमिका होगी। बिहार में हर साल बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति बनती है। ऐसे समय में ड्रोन की मदद से प्रभावित इलाकों का आकलन तेजी से किया जा सकेगा। इससे राहत और बचाव कार्यों की योजना बनाने तथा प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने में तेजी आएगी।
सम्राट चौधरी ने यह भी संकेत दिया कि ड्रोन तकनीक के उपयोग में केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुभव का लाभ भी लिया जाएगा। सीमा सुरक्षा बल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल जैसी एजेंसियों के तकनीकी मानकों और अनुभवों को ध्यान में रखते हुए बिहार पुलिस के लिए बेहतर और प्रभावी प्रणाली विकसित की जाएगी।
राज्य सरकार का मानना है कि नई तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस की निगरानी क्षमता में बड़ा सुधार होगा और अपराध नियंत्रण की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। आने वाले समय में बिहार पुलिस को तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त बनाने के लिए ऐसे कई और कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही 

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